June 24, 2020

एबीवीपी राष्ट्रीय मंत्री  बोले, कोरोना संक्रमण की स्थिति का आकलन कर परीक्षा पर विचार करे सरकार

Lucknow : लखनऊ विश्वविद्यालय में चल परीक्षाओं को लेकर चल रहे विरोध में अब अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद भी शामिल हो गया।परिषद के एक प्रतिनिधिमंडल ने बुधवार को उपमुख्यमंत्री डॉ दिनेश शर्मा से मुलाकात की । इस दौरान परीक्षा टालने और परिस्थितियों को देखते हुए परीक्षा आयोजन के विकल्प पर सरकार विचार करे।

अभाविप के राष्ट्रीय मंत्री  राहुल वाल्मीकि ने कहा, “परीक्षाओं के परिपेक्ष में अभाविप का यह स्पष्ट विचार है की परीक्षाओं के आयोजन से पूर्व महामारी से उत्पन्न होने वाले संक्रमण की परिस्थितियों पर व वर्तमान काल में परीक्षा संभव है या नही इस पर विचार किया जाए, अतः परीक्षाओं की तिथियों पर पुनर्विचार करते हुए इन्हें आगे बढ़ाने पर व परीक्षाओं के आयोजन में किसी प्रकार की जल्दीबाजी न हो इस पर गंभीरता पूर्वक विचार किया जाए।”

अभाविप के प्रदेश मंत्री अंकित शुक्ला ने कहा,  ” अपने ज्ञापन में परीक्षा के विभिन्न विकल्पों जैसे प्रोजेक्ट वर्क, ग्रेडिंग प्रणाली, कैरी ओवर, वाईबॉ इत्यादि (ज्ञापन संलग्न) को सुझाया गया है तथा विशेष रूप से यूजीसी, एमएचआरडी की गाइडलाइंस अनुसार अंतिम वर्ष के विद्यार्थियों की परीक्षाएं प्रस्तुत विकल्पों के आधार पर सम्पन्न कराई जाए। वह यह भी आग्रह किया गया कि विद्यार्थी समुदाय की विभिन्न समस्याओं जैसे फीस माफी या विकल्पों पर विचार, किराया माफी व निवास संबंधी समस्याओं पर संवेदना पूर्वक अविलंब विचार किया जाया।”

यह फॉर्मूला दिया……

1. विद्यार्थियों को ऑनलाइन परीक्षा की सुविधा दी जाये जो पारम्परिक ऑनलाइन परीक्षा के बजाय किसी एप के द्वारा या विद्यार्थियों के मोबाइल पर बहु विकल्पीय परीक्षा के माध्यम से करवाई जा सकती है । इस परीक्षा को कम प्रश्न और कम समय के आधार पर सम्पादित कराया जाये ।

2. छात्रों से असाइनमेंट बनवाकर उनको मेल या WhatsApp . गूगल फॉर्म के माध्यम से ऑनलाइन ही मूल्यांकन किया जाये ।

3. उत्तर प्रदेश के जिन विश्वविद्यालयों में वार्षिक परीक्षा करवाई जाती है , उनमें अभी तक 40 से 70 % परीक्षाएं सम्पन्न हो चुकी हैं , परीक्षा दे चुके विद्यार्थियों के पेपर का मूल्यांकन करने के बाद उन्ही के आधार पर औसत निकालकर परीक्षाफल बनाया जाए ।

4. प्रथम एवं द्वितीय वर्ष के छात्रों को स्पेशल कैरी ओवर की सुविधा प्रदान की जायो इस सुविधा का उपयोग छात्रों को उनकी डिग्री पूरी होने तक करने दिया जाना चाहिए ।

5. विद्यार्थियों से ऑनलाइन वायबा भी लिया जा सकता है । जिन क्षेत्रों में नेटवर्क की सुविधा सुचारू रूप से है वहां विडियो अन्यथा टेलेफ़ोनिक इंटरव्यू भी किया जा सकता है ।

6. परीक्षाफल में सेशनल और इंटरनल परीक्षा के अंको को आधार माना जा सकता है ।

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