May 9, 2021

विश्व मातृ दिवस: संदेशों और चित्रों से प्रदर्शित किया प्रेम

यूं तो ‘मां’ का शुक्रिया अदा करने के लिए किसी एक खास दिन को चुन लेना न तो पर्याप्त है और न ही यह संभव भी है। एक व्यक्ति के तौर पर मां का महत्व और एक सामाजिक ढांचे में मां की अहमियत को शब्दों में बयां कर पाना मुमकिन नहीं है। मां की गोद में ही समाज का सृजन होता है। परिवार की पाठशाला में पहली गुरु हमारी मां ही होती है।
माताओं के प्रति अपना स्नेह, सम्मान और धन्यवाद ज्ञापित करने के उद्देश्य से हर वर्ष मई महीने के दूसरे रविवार को विश्व मातृ दिवस मनाया जाता है। यह दिन परिवार में मां के साथ साथ मातृत्वए मातृत्व बंधन और समाज में उनके प्रभाव का सम्मान करता है।

नास्ति मातृसमा छायाए नास्ति मातृसमा गतिः।
नास्ति मातृसमं त्राणए नास्ति मातृसमा प्रिया।।
अर्थ है कि मां के समान कोई छाया नहीं है. मां के समान कोई सहारा नहीं है. मां के समान कोई रक्षक नहीं है और मां के समान कोई प्रिय चीज नहीं है.

संदेशों और चित्रों से प्रदर्शित किया प्रेम

इसी कड़ी में सेंट जोसेफ स्कूल में भी मदर्स डे के उपलक्ष्य में आॅनलाइन माध्यम से माताओं के सम्मान में कई कार्यक्रम हुए। बच्चों ने कई तरह के कार्ड्स और उस पर संदेश अंकित कर माताओं के प्रति प्रेम को प्रदर्शित किया। छोटे बच्चों के काडर््स बहुत ही मोहक और आकर्षक रहे। उन्होंने अपनी निर्मल भावनाओं के माध्यम से अपना स्नेह प्रदर्शित किया। वहीं कई बच्चों ने छोटे-छोटे वीडियो से इस खास दिन पर संदेश दिए।
सेंट जोसेफ स्कूल्स के प्रबंध निदेशक अनिल अग्रवाल ने बताया कि आॅनलाइन माध्यम से बच्चों ने बहुत ही सुंदर और प्यारे संदेश प्रेषित किए हैं। पूरा विद्यालय परिवार ने संस्था की स्थापिका श्रीमती पुष्पलता अग्रवाल के सम्मान में इस दिन को समर्पित किया है।

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