June 13, 2022

पुलिस की घेरेबन्दी के बावजूद सैकड़ों कांग्रेसजनों ने किया ईडी आफिस पर प्रदर्शन : कांग्रेस



लखनऊ : नेशनल हेराल्ड मामले में सोमवार को प्रवर्तन निदेशालय ने नई दिल्ली में राहुल गांधी को पूछताछ के लिए बुलाया था. इसके खिलाफ आज दिल्ली सहित पूरे देश के प्रदेश मुख्यालयों में कांग्रेस द्वारा ईडी कार्यालय पर धरना-प्रदर्शन किया गया. लखनऊ में भी धरना-प्रदर्शन एवं गिरफ्तारी हुई.


उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता कृष्णकान्त पाण्डेय ने बताया कि कांग्रेसजनों द्वारा ई0डी0 कार्यालय पर धरना-प्रदर्शन को रोकने के लिए कांग्रेस कार्यालय को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया था. जगह-जगह कांग्रेसजनों को पुलिस द्वारा प्रताड़ित किया जा रहा था. जबकि कांग्रेस विधानमंडल दल की नेता आराधना मिश्रा ‘मोना’ एवं मीडिया विभाग के चेयरमैन पूर्व मंत्री नसीमुद्दीन सिद्दीकी सहित तमाम नेताओं को हाऊस अरेस्ट कर लिया गया था, जिसकी कांग्रेस पार्टी कठोर निन्दा करती है. धरना-प्रदर्शन लोकतंत्र में किसी भी राजनैतिक दल का अधिकार है. सरकार एवं प्रशासन के तमाम रोक के बावजूद भारी संख्या में कांग्रेसजनों ने ई0डी0 आफिस पहुॅंच कर धरना-प्रदर्शन किया.

लखनऊ के ED कार्यालय के बाहर राहुल गांधी के समर्थन में अपनी गिरफ्तारी दी.


प्रवक्ता श्री पाण्डेय ने आगे बताया कि जनता की आवाज बनकर सरकार के जनविरोधी कार्यों को केवल कांग्रेस पार्टी, सोनिया गांधी एवं राहुल गांधी ही उठाते हैं. उनकी आवाज को दबाने के लिए सरकार संस्थानों का उपायोग कर रही है लेकिन, कोई भी सरकार का हथकंडा इस आवाज को नहीं दबा सकता.

धरना प्रदर्शन में यह हुए शामिल
आज धरना-प्रदर्शन के दौरान राष्ट्रीय सचिव सत्यनारायण पटेल, विधायक वीरेन्द्र चौधरी, पूर्व विधायक सतीश अजमानी, अखिलेश प्रताप सिंह, अम्बिका सिंह, अमरेश चन्द्र पाण्डेय, श्याम किशोर शुक्ला तथा विश्वविजय सिंह, दिनेश सिंह, शिव पाण्डेय, विवेकानन्द पाठक, शरद मिश्रा, अनिल यादव, डॉ0 प्रमोद पाण्डेय, मनोज यादव, डॉ0 पंकज श्रीवास्तव, अशोक सिंह, अंशु अवस्थी, कृष्णकान्त पाण्डेय, जिलाध्यक्ष वेद प्रकाश त्रिपाठी, मुकेश चौहान, संजय सिंह, द्विजेन्द्र त्रिपाठी, ज्ञानेन्द्र प्रताप सिंह, वीरेन्द्र मदान, प्रमोद सिंह, सम्पूर्णानन्द, अमरनाथ अग्रवाल, सिद्धार्थ प्रिय श्रीवास्तव, आरती बाजपेयी, डॉ0 लालती देवी, सुशीला शर्मा, प्रदीप सिंघल, रूद्र दमन सिंह बब्लू, अभिमन्यू सिंह, बृजेश सिंह, मनोज तिवारी (द्वय), नरेन्द्र शुक्ला, पुष्पेन्द्र श्रीवास्तव, संजय दीक्षित, राघवेन्द्र सिंह, रमेश मिश्रा, अजय सिंह उर्फ कप्तान सिंह आदि सैकड़ों कांग्रेसजनों ने गिरफ्तारी दी तथा प्रदर्शन में भाग लिया.


ये है नेशनल हेराल्ड का सच
श्री पाण्डेय का दावा है कि जिस केस में समन हुआ है वह एक नॉन प्राफिटेबल संस्था है, जिसमें प्राफिट का सवाल ही नहीं पैदा होता. ऐसे में मनी लॉडरिंग का केस कैसे बन सकता है? जहॉं धन का ही मामला नहीं है, वहॉं शोधन कैसे? आजादी की लड़ाई में देश की आवाज बनकर नेशनल हेरल्ड न्यूज पेपर के योगदान को भुलाया नहीं जा सकता. यह समाचार-पत्र और कांग्रेस को अलग भी नहीं किया जा सकता. अंग्रेजों को उखाड़ फैकने में इन्हीं का योगदान है. आज सरकार में बैठे लोग इसे इसलिए नहीं समझ सकते क्योंकि इनका दूर-दूर तक आजादी के योगदान से कोई लेना-देना नहीं है.
श्री पाण्डेय ने आगे बताया कि भाजपा सरकार द्वारा लोगों का ध्यान महंगाई, बेरोजगारी, अराजकता, भ्रष्टाचार से हटाने के लिए कांग्रेस के नेताओं के ऊपर दुर्भावनावश गलत तरीके से परेशान करने का प्रयास हो रहा है.

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